तूफान में कांपी ऐतिहासिक इमारतें, ताजमहल में हुआ नुकसान

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Just abhi….शोएब अख्तर की गेंद की रफ्तार के बराबर तेजी 130 किमी से आए तूफान के बाद शहर में तबाही का मंजर है । जगह जगह पेड और बिजली के तार टूटे पड़े हैं । हाई स्पीड तूफान के बाद जस्ट अभी रिपोर्टर ने शहर के हालात का जायजा लिया। तूफान में ताजमहल के दक्षिणी गेट की मीनार भी धराशाही हो गई है ।पिलर गिरने से स्मारक के वीडियो प्लेटफॉर्म का फर्श कई जगह से धंस गया है। दक्षिणी गेट का पिलर टूटकर छत की दीवार पर ही टिक गया। इसकी दीवार का पत्थर चटक गया और गुलदस्ता टूटकर नीचे गिर गया। सरहिंदी बेगम के मकबरे का गुलदस्ता टूटकर गिरने से शेड क्षतिग्रस्त हो गया है। वहीं पश्चिमी गेट से लगे फतेहपुरी बेगम के मकबरे की बाहरी दीवार का बड़ा पत्थर निकलकर नीचे जा गिरा। सती उनीसा के मकबरे का गुलदस्ता भी टूट गया। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण ने सुबह ही नुकसान की फोटोग्राफी कराई। स्मारक के उद्यान में भी पानी भर गया है।

आंधी के बाद ताज में टूटी मीनार
आंधी के बाद ताज में टूटी मीनार

तूफान से ताज के अलावा अन्य स्मारकों को भी नुकसान पहुंचा है। जामा मस्जिद का 10 फुट ऊंचा तांबे का कलश उड़ गया। तूफान थमने के बाद इसकी तलाश की गई, लेकिन दोपहर तक इसका पता नहीं चल सका था। विश्वदाय स्मारक आगरा किला में मोती मस्जिद के पिनेकल टेढ़े ओ गए।  किले में सेना के अधिकार क्षेत्र में स्थित सलीमगढ़ की ब्रिटिशकालीन ग्रिल चादर समेत उखड़ गई। कई पेड़ टूटे। सिकंदरा में दक्षिणी, पूर्वी और पश्चिमी गेट की पच्चीकारी के पत्थर टूटकर गिरे। एएसआइ ने हर स्मारक में नुकसान की जांच के लिए टीमें लगाई हैं।

इसके अलावा जिले में तूफान से 12 लोगों के मरने की खबर मिली है। 27 साल पहले ऐसा तूफान आया था, बारिश 35 एमएम  दर्ज की गई है।

तूफान में धराशाही ताज के दक्षिणी गेट की मीनार
तूफान में धराशाही ताज के दक्षिणी गेट की मीनार

आगरा में रात सात बजे आंधी के साथ तूफान और बारिश में पेड और टिनशेड उखडने लगे, तेज बारिश हवा के साथ तेज आवाज करती हुई लोगों को डराने लगी। कुछ ही देर बात शहर में हादसों की खबर आने लगी।
मकान से लेकर पुलिस कंट्रोल रूम की छत गिरी, आठ की मौत
आगरा के ताजगंज के महुआखेडा में मकान के साथ पेड गिर गए, इसमें कई लोग दब गए। अंधेरे में बचाव कार्य में मुश्किल हुई। हादसे में 75 वर्षीय गौरी शंकर और 53 वर्षीय शमीर की मौत हो गई।
मकान से लेकर पुलिस कंट्रोल रूम की छत गिरी, आठ की मौत
आगरा के ताजगंज के महुआखेडा में मकान के साथ पेड गिर गए, इसमें कई लोग दब गए। अंधेरे में बचाव कार्य में मुश्किल हुई। हादसे में 75 वर्षीय गौरी शंकर और 53 वर्षीय शमीर की मौत हो गई। इसके बाद डौकी में मकान के ढह जाने से सुल्तानपुरा गांव निवासी 40 वर्षीय पूर्व प्रधान लंबरदार, अंगूरी देवी और ठाकुरदास की मौत हो गई। वहीं अधनेरा में तूफान और बारिश में तीन लोगों की मौत हुई है, यहां निर्मला, कलुआ और चंद्रवती की मौत हो गई। वहीं, दर्जनों पेड गिर गए, पुलिस कंट्रोल रूम की छत गिर गई। शहर में जगह जगह होर्डिंग गिर गए हैं।
27 साल पहले आया था तूफान
इससे पहले पूर्व पीएम राजीव गांधी की मौत पर 21 मई 1991 को तूफान आया था। इसके बाद 1994 में 135 किलोमीटर प्रतिघंटा की स्पीड से तूफान आया था और अब 135 किलोमीटर प्रतिघंटा की स्पीड से तूफान आया है। अधिकतम तापमान एक डिग्री कम होकर 37.2 पर आ गया है। न्यूनतम तापमान में भी गिरावट आई है। 35 मिमी बारिश का अनुमान बुधवार सात बजे से लेकर 10 बजे तक हुई बारिश लगभग 35 मिली मीटर रिकार्ड की गई है।
सडकों पर जाम, थमी ट्रेन
बारिश के साथ ही शहर में जाम लग गया, ओएचई लाइन टूटने से आगरा दिल्ली रूट पर जहां की तहां ट्रेनें थम गईं। रात 10 बजे के बाद यातायात सुचारू हो सका लेकिन ट्रेनें फंसी हुई हैं।
बुधवार शाम 6.45 बजे आए तूफान से लोग दहशत में आ गए। पांच मिनट में ही हर ओर पेड़ टूटकर गिरने लगे। दिल्ली गेट पर होर्डिग स्टैंड गिरने से तीन कार क्षतिग्रस्त हो गई। इसके बाद यहां जाम लग गया। हरीपर्वत चौराहे के पास होर्डिग गिरने से पूरा एमजी रोड जाम हो गया। आजाद पेट्रोल पंप के पास होर्डिग गिरने से ट्रैफिक जाम हो गया। बिजलीघर चौराहा, सेंट जोंस चौराहे पर जलभराव के चलते वाहन फंस गए। शहर के अंदर के इलाकों में भी कमोवेश यही हालात थे। हाईवे पर भी कई स्थानों पर पेड़ टूटकर गिर पड़े तो कहीं होर्डिग गिरने से वाहन क्षतिग्रस्त हो गए। सुल्तानगंज पुलिया चौराहे पर कई घंटे तक फ्लाइओवर और नीचे भीषण जाम लगा रहा। फतेहाबाद रोड, माल रोड, यमुना किनारा रोड समेत अन्य सभी इलाकों में भी यही हालात थे। लोगों को घर पहुंचने में घंटों लग गए। फतेहाबाद रोड, माल रोड, यमुना किनारा रोड समेत अन्य सभी इलाकों में भी यही हालात थे। लोगों को घर पहुंचने में घंटों लग गए।

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